सिधिविनायक टाइम्स शिमला। भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर इसे हिमाचल के इतिहास का सबसे निराशाजनक कार्यकाल बताया। परमार ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के दौरान कांग्रेस ने जनता से कई गारंटियाँ दीं, लेकिन इनका कोई भी पालन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सरकार पूरी तरह विफल रही है और युवाओं, कर्मचारियों, किसानों और बागवानों के साथ विश्वासघात किया गया। एमबीबीएस, एनटीटी और पुलिस भर्ती में अनियमितताओं का जिक्र करते हुए परमार ने कहा कि यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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परमार ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भाजपा सरकार द्वारा खोले गए 2000 से अधिक विद्यालय, महाविद्यालय और स्वास्थ्य संस्थानों को बंद कर प्रदेश की विकास दर को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि एचपीटीडीसी के सरकारी होटलों को निजी कंपनियों को सौंपना जनता की संपत्ति के सीधे नुकसान के समान है। इसके अलावा, सरकार ने कर्मचारियों के एरियर रोकने, ओपीएस लाभ घटाने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे को पूरा न करने जैसे कदम उठाए।
विपिन सिंह परमार ने यह भी चेतावनी दी कि तीन साल में प्रदेश का 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ना आर्थिक संकट की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल, जो कभी सुरक्षित और शांत माना जाता था, अब अपराध, नशा और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में चिंताजनक स्थिति में है। अंत में परमार ने दावा किया कि जनता कांग्रेस की विफलताओं को समझ चुकी है और 2027 में प्रदेश की जनता ऐसी सरकार को सबक सिखाएगी जो वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार से मुक्त हो।





















