कुल्लू (प्रिया शर्मा): हिमाचल प्रदेश के शिव भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर आ रहा है। ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की पहल पर सोमनाथ मंदिर के उन प्राचीन पवित्र अवशेषों और खंडित शिवलिंग की भारत भर में यात्रा निकाली जा रही है, जो पिछले 1000 वर्षों से संरक्षित थे।
इसी कड़ी में, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए यह यात्रा देवभूमि कुल्लू पहुँच रही है। 6 अप्रैल को कुल्लू स्थित ‘कला केंद्र’ में शाम 4 बजे एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालु इन दिव्य अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे।
1000 साल पुराने अवशेषों का होगा दर्शन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम और सबसे पवित्र माना जाता है। इतिहास के झंझावातों के कारण संरक्षित किए गए इन प्राचीन अवशेषों को अब पुन: स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस यात्रा का उद्देश्य देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों तक इन अवशेषों को ले जाना है ताकि आम जनमानस इस ऐतिहासिक धरोहर का आशीर्वाद ले सके।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम और सबसे पवित्र माना जाता है। इतिहास के झंझावातों के कारण संरक्षित किए गए इन प्राचीन अवशेषों को अब पुन: स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस यात्रा का उद्देश्य देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों तक इन अवशेषों को ले जाना है ताकि आम जनमानस इस ऐतिहासिक धरोहर का आशीर्वाद ले सके।
दिव्य पूजा और आध्यात्मिक अनुभव
कला केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अनुभवी पुजारियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक दर्शन मात्र नहीं है, बल्कि भक्तों को एक शांत और ऊर्जावान वातावरण प्रदान करने का प्रयास है, जिससे मन को शांति और आध्यात्मिक स्फूर्ति मिले।
कला केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अनुभवी पुजारियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक दर्शन मात्र नहीं है, बल्कि भक्तों को एक शांत और ऊर्जावान वातावरण प्रदान करने का प्रयास है, जिससे मन को शांति और आध्यात्मिक स्फूर्ति मिले।
कुल्लू के शिव भक्तों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि प्रदेश में पहली बार इतने प्राचीन और पवित्र शिवलिंग के अवशेषों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
















