बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): तिब्बत पर चीनी दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए धर्मशाला से दिल्ली तक निकाली जा रही पदयात्रा आज बिलासपुर पहुँची। यहाँ पहुँचने पर स्थानीय युवाओं और शहरवासियों ने तिब्बती प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके संघर्ष के प्रति अपना समर्थन जताया।
कॉलेज चौक से शहीदी स्मारक तक निकाला मार्च
पदयात्रा बिलासपुर के मुख्य कॉलेज चौक से शुरू होकर शहीदी स्मारक तक निकाली गई। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियाँ और तिब्बती झंडे लेकर चीन सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में नारेबाजी की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य तिब्बत में हो रहे मानवाधिकारों के हनन के प्रति आम जनता को जागरूक करना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचना है।
पदयात्रा बिलासपुर के मुख्य कॉलेज चौक से शुरू होकर शहीदी स्मारक तक निकाली गई। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियाँ और तिब्बती झंडे लेकर चीन सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में नारेबाजी की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य तिब्बत में हो रहे मानवाधिकारों के हनन के प्रति आम जनता को जागरूक करना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचना है।
युवाओं का मिला साथ
स्वागत समारोह में शामिल स्थानीय युवाओं ने कहा कि तिब्बत के लोगों के साथ दशकों से हो रहा अन्याय अब असहनीय है। युवाओं ने जोर देकर कहा कि शांति, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने तिब्बती समुदाय के अटूट साहस की सराहना करते हुए इस न्यायपूर्ण लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया।
स्वागत समारोह में शामिल स्थानीय युवाओं ने कहा कि तिब्बत के लोगों के साथ दशकों से हो रहा अन्याय अब असहनीय है। युवाओं ने जोर देकर कहा कि शांति, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने तिब्बती समुदाय के अटूट साहस की सराहना करते हुए इस न्यायपूर्ण लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन
शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी यह पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। स्थानीय लोगों ने भी पदयात्रियों का हौसला बढ़ाया और तिब्बत मुद्दे के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर के लोगों से मिले इस प्रेम और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।
शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी यह पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। स्थानीय लोगों ने भी पदयात्रियों का हौसला बढ़ाया और तिब्बत मुद्दे के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर के लोगों से मिले इस प्रेम और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।















