चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पंजाब ने वरिष्ठ पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी ने इसे लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार आलोचनात्मक आवाज़ों को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज कराना प्रेस की आज़ादी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार
विनीत जोशी ने कहा कि पत्रकार मनिंदरजीत सिंह सिद्धू, लोक आवाज़ से जुड़े मिंटू गुरसारिया और आरटीआई कार्यकर्ता मानिक गोयल के खिलाफ दर्ज मामले डर का माहौल बनाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर उपयोग, सरकारी आवासों के कथित महंगे नवीनीकरण और शासन से जुड़े वैध सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।
जोशी ने कहा, “यह सुशासन नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है। पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज कराना प्रेस की आज़ादी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी और आरटीआई आंदोलन से जन्मी पार्टी आज अपने ही सिद्धांतों से भटक चुकी है।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि सिर्फ पत्रकार ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सक्रिय जागरूक नागरिकों को भी पुलिस कार्रवाई की धमकियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति बताया।
बीजेपी पंजाब पत्रकार समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी
उन्होंने राज्य में बढ़ती वीआईपी संस्कृति, महिलाओं से किए गए वादों की अनदेखी, नशा नियंत्रण में विफलता और अवैध खनन के बढ़ते मामलों को लेकर भी आप सरकार को घेरा। जोशी के अनुसार सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है।
अंत में उन्होंने कहा कि बीजेपी पंजाब पत्रकार समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है और चंडीगढ़ में होने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को पूरा समर्थन देगी। उन्होंने दोहराया कि एफआईआर के ज़रिये सच की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और जनता समय आने पर उचित जवाब देगी।





















