सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। शिमला में प्रदेश के प्रगतिशील बागवानों और उनके प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सेब उत्पादन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसके संरक्षण व संवर्द्धन को सरकार प्राथमिकता देती है। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले सेब पर आयात शुल्क में कमी से प्रदेश के बागवानों के हितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे केंद्रीय वित्त और वाणिज्य मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे और बागवानों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करेंगे।
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बैठक में बागवानों के प्रतिनिधियों ने सेब उत्पादन, विपणन और आयात नीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव सी. पालरासु, निदेशक बागवानी विनय सिंह, हिमाचल सेब उत्पादक संघ, हिमाचल किसान सभा और अन्य बागवान संगठन के वरिष्ठ सदस्य भी बैठक में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बागवानों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी आर्थिक सुरक्षा और सेब उद्योग के सतत विकास के लिए लगातार प्रयासरत रहेगी।





















