सिद्धविनायक टाइम्स शिमला। शिमला में आवश्यक सेवाओं की बदहाली को लेकर एक बार फिर कांग्रेस सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। राजधानी के राशन डिपुओं में करीब दो महीने बाद चीनी का कोटा पहुंचने पर भाजपा ने इसे सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया है। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कहा कि शिमला जैसे प्रमुख शहर में यदि लोगों को समय पर सस्ती दरों पर राशन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चीनी न मिलने से एपीएल और बीपीएल राशन कार्ड धारकों को मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ा।
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भाजपा ने राशन व्यवस्था के साथ-साथ शिमला की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चिंता जताई है। कर्ण नंदा ने आरोप लगाया कि आईजीएमसी और चमियाना अस्पताल में मरीजों को इलाज, जांच और दवाइयों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों और संसाधनों की कमी के चलते आम जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से उठता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी की स्थिति सरकार के कुप्रबंधन को उजागर करती है। भाजपा ने मांग की है कि सरकार तुरंत राशन आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करे, अन्यथा पार्टी जनता के हित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।





















