मंडी/शिमला: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय डाक विभाग (India Post) ने हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक अभूतपूर्व तकनीकी इतिहास रच दिया है. देश में पहली बार डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ की डिलीवरी अत्याधुनिक ड्रोन के माध्यम से सफलतापूर्वक की गई. यह ऐतिहासिक उड़ान हिमाचल प्रदेश के मंडी मुख्य डाकघर (Head Post Office) से शुरू होकर सुदूर रेहड़धार शाखा डाकघर (Rehardhar Branch Post Office) पर जाकर समाप्त हुई.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने वर्चुअली दिखाई हरी झंडी
इस अनूठी और देशभक्ति से लबरेज पहल का डिजिटल उद्घाटन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधियाद्वारा किया गया. नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर केंद्रीय मंत्री ने न केवल ड्रोन के टेक-ऑफ को लाइव देखा, बल्कि मंडी में मौजूद डाक अधिकारियों और ड्रोन ऑपरेटरों से संवाद कर उनका हौसला भी बढ़ाया.
सेना के अनुभवी दिग्गज को सौंपा गया पहला पार्सल
पहाड़ियों को चीरते हुए जैसे ही ड्रोन ने रेहड़धार शाखा डाकघर में सुरक्षित लैंडिंग की, वहां मौजूद डाक विभाग की टीम ने मुस्तैदी से पार्सल को रिसीव किया. इस पल को और अधिक गौरवान्वित और यादगार बनाने के लिए, डाक विभाग ने इस पहली खेप के तिरंगे को भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त जांबाज (आर्मी वेटरन) को ससम्मान सौंप दिया. इस दृश्य ने वहां मौजूद स्थानीय लोगों में देशभक्ति का नया जोश भर दिया.
‘डाक सेवा, जन सेवा’ में नई तकनीक का समागम
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अवसर पर कहा, “यह पहल देशभक्ति, सार्वजनिक सेवा और तकनीकी नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण है।” उन्होंने बताया कि यह कदम देश के दुर्गम और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.
आने वाले दिनों में 150 से अधिक रूटों पर उड़ान भरेगा डाक ड्रोन
डाक मंत्रालय के अनुसार, यह सिर्फ एक शुरुआत है. आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश और असम के कठिन पहाड़ी और जंगली रास्तों वाले 150 चिन्हित रूटों पर ड्रोन आधारित मेल और पार्सल ट्रांसमिशन सेवा को पूरी तरह से लागू करने की योजना है. इससे जहां हफ़्तों और दिनों का सफर मिनटों में तय होगा, वहीं ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के संकल्प को और अधिक गति मिलेगी.

















