चंडीगढ़: पीजीआईएमईआर (PGIMER) चंडीगढ़ के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिमेश पाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान और देश का मान बढ़ाया है। उन्हें अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी (AACE) द्वारा प्रतिष्ठित ‘राइजिंग स्टार इन एंडोक्रिनोलॉजी अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हाल ही में अमेरिका के लास वेगास में आयोजित एएसीई की वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया। विशेष बात यह है कि डॉ. पाल भारत के किसी संस्थान में कार्यरत पहले ऐसे विशेषज्ञ बन गए हैं जिन्हें अब तक इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
डॉ. पाल को यह सम्मान क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। उनका शोध मुख्य रूप से मेटाबॉलिक बोन डिजीज, ऑस्टियोपोरोसिस और टाइप-2 डायबिटीज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा है। इससे पहले इसी वर्ष उन्हें ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन (GAPIO) द्वारा डॉ. आईए मोदी अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए डॉ. पाल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं और पीजीआई के शैक्षणिक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि एएसीई जैसी संस्थाओं द्वारा भारतीय विशेषज्ञों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलना युवा डॉक्टरों के लिए प्रेरणादायक है।

















