चंडीगढ़ के पीजीआईएमआर में रुमेटोलॉजिकल रोगों के प्रति जागरूकता माह के समापन पर इंटरनल मेडिसिन विभाग द्वारा एक विशेष अवेयरनेस वॉक का आयोजन किया गया। यह वॉक पीजीआई के नेहरू अस्पताल से शुरू होकर सुखना लेक तक गई, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों) से जुड़ी बीमारियों और उन्हें रोकने के लिए जीवनशैली में बदलाव के महत्व को समझाना था। इस कार्यक्रम को पीजीआई के डीन रिसर्च प्रो. संजय जैन, डिप्टी डायरेक्टर पंकज राय और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विपिन कौशल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सुखना लेक पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हड्डियों की बीमारियां एक बड़ी समस्या बन रही हैं, जिनसे बचने के लिए बचपन से ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना और स्कूल के दिनों से ही जागरूकता फैलाना आवश्यक है। प्रो. लाल ने ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर स्थितियों के प्रति भी आगाह किया और लोगों से धूम्रपान व शराब जैसी हानिकारक आदतों को छोड़ने की अपील की।
इस अवसर पर इंडियन रुमेटोलॉजी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. अमन शर्मा ने भारतीय आबादी में रुमेटिक रोगों के बढ़ते प्रसार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि धूम्रपान रुमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों को सक्रिय कर देता है और शराब की थोड़ी सी मात्रा भी हड्डियों के लिए बेहद घातक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘गठिया’ कई अलग-अलग चिकित्सीय स्थितियों का संकेत हो सकता है, इसलिए सही समय पर विशेषज्ञों की सलाह लेना और दैनिक जीवन में कसरत को शामिल करना बेहद जरूरी है। इस वॉक में पीजीआई के फैकल्टी, डॉक्टरों, मरीजों और आम जनता सहित 200 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
















