सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों और छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को उबाल दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि यह सरकार का लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य के प्रति असंवेदनशील चेहरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से सुक्खू सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया, विश्वविद्यालयों को नेतृत्वहीन छोड़ा और युवाओं को रोजगार का झूठा वादा देकर भ्रमित किया। नैंसी अटल ने बताया कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय का विस्तार लगातार टाला जा रहा है, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और नौनी विश्वविद्यालय वर्षों से स्थायी कुलपतियों के बिना कार्य कर रहे हैं, जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला कैम्पस का निर्माण फाइलों में अटका हुआ है।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू न करने और शिक्षा संस्थानों की आधारभूत संरचना का गिरना सीधे उच्च शिक्षा पर प्रहार है। अभाविप कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव किया, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय दमन का रास्ता चुना। नैंसी अटल ने स्पष्ट किया कि छात्राओं पर हमला और लाठीचार्ज युवाओं की आवाज़ दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब विद्यार्थी परिषद सड़कों से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ कड़ा संघर्ष करेगी और यदि उनकी मांगें तुरंत पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दो वर्षों में सरकार के लिए सबसे कठिन साबित होंगे।




















