सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आयोजित नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार 1 मार्च से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में मोबाइल लाना पूरी तरह मना होगा और नियम तोड़ने वाले छात्रों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, मोबाइल जब्त किया जाएगा तथा उनके माता-पिता को स्कूल बुलाकर समझाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की जा रही मानक प्रक्रिया के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अक्सर लंच टाइम में बच्चे मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है, इसलिए यह कदम आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने घुमारवीं में आयोजित 69वीं अंडर-19 छात्रा हैंडबॉल स्कूल प्रतियोगिता में विजेता हिमाचल प्रदेश टीम को 20 लाख रुपये पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश ने राजस्थान को हराकर खिताब जीता, जबकि हरियाणा टीम तीसरे स्थान पर रही। कुल 30 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, इसलिए सरकार लगातार खिलाड़ियों के हितों का ध्यान रख रही है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाकर राज्य में 400 रुपये तथा राज्य से बाहर 500 रुपये कर दी है, साथ ही 200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर प्रतियोगिता में भाग लेने पर हवाई यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की खेलों के प्रति रुचि की सराहना की और कहा कि घुमारवीं में इंडोर स्टेडियम और स्कूल भवन का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा, साथ ही मोरसिंगी में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण भी किया जाएगा। समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।





















