सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज दो अहम मुद्दों ने सियासी गरमाहट बढ़ा दी। बागवानों से हो रही ठगी और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर सदन में तीखी बहस देखी गई। कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर ने सेब बागवानों के साथ हो रही धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया और बताया कि पिछले तीन सालों में 379 बागवान ठगी का शिकार हुए हैं और करीब 8 करोड़ रुपये की लंबित रकम है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बागवानों के हित में ठोस नीति बनाने की मांग की। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई जारी है और कुछ मामलों का निपटारा भी हो चुका है। वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे संघीय ढांचे को कमजोर कर रहे हैं और केंद्रीय सहायता में हस्तक्षेप कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG हिमाचल का अधिकार बताया और भाजपा पर प्रदेश हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
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विपक्ष नेता जयराम ठाकुर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को पर्याप्त RDG प्रदान किया है और सरकार केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उछाल रही है। हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा ने RDG बहाली का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेज दिया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में 124 प्रतिशत उत्पादकता दर्ज की गई। प्रदेश की राजनीति अब बागवानों की ठगी और RDG दोनों मामलों पर अगले सत्र तक गरम रहने की संभावना जताई जा रही है।
















