नई दिल्ली, 19 दिसंबर 2025: डाक विभाग ने वर्ष 2025 में अपनी सेवाओं का दायरा काफी बढ़ाया है। डिजिटल तकनीक, नागरिक सुविधाओं और नई साझेदारियों के जरिए इंडिया पोस्ट ने खुद को एक आधुनिक और बहु-सेवा संस्थान के रूप में स्थापित किया है। हालिया वार्षिक समीक्षा में विभाग की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को सामने रखा गया है।
डाकघरों से पासपोर्ट सेवाओं की आसान सुविधा
नागरिकों को घर के पास पासपोर्ट सेवाएं देने के उद्देश्य से डाक विभाग ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से देशभर में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू किए हैं।
30 नवंबर 2025 तक देश में 452 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र काम कर रहे थे।
जनवरी से नवंबर 2025 के बीच इन केंद्रों के माध्यम से 29 लाख से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का निपटान किया गया। इनमें बड़ी संख्या में पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी शामिल रहे। इस पहल से सरकार को अच्छी आय भी प्राप्त हुई।
आधार ई-केवाईसी और वित्तीय सेवाओं का विस्तार
डाक विभाग ने जनवरी 2025 से सभी विभागीय डाकघरों में आधार आधारित ई-केवाईसी सेवा शुरू की। इसके जरिए बड़ी संख्या में नए खाते खोले गए और लाखों डिजिटल लेन-देन पूरे किए गए।
देशभर के डाकघरों में अब हजारों आधार केंद्र कार्यरत हैं। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल और लैपटॉप आधारित आधार किट का भी उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्रीय अभियानों में डाक विभाग की सक्रिय भूमिका
डाक विभाग ने हर घर तिरंगा अभियान 4.0 में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। डाकघरों और ई-पोस्ट सुविधा के माध्यम से लाखों तिरंगे झंडों का वितरण किया गया, जिससे लोगों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा मिला।
नई सेवाओं के लिए अहम साझेदारियां
डाक विभाग ने अपनी सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई नए समझौते किए हैं। ग्रामीण और छोटे निवेशकों को सुविधा देने के लिए म्यूचुअल फंड केवाईसी सेवाएं शुरू की गईं। इसके अलावा, बीएसएनएल के साथ सहयोग के तहत डाकघरों से सिम कार्ड जारी करने और रिचार्ज की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
डिजीपिन: पता पहचान की नई तकनीक
डाक विभाग ने इसरो और आईआईटी हैदराबाद के साथ मिलकर डिजीपिन नाम की नई तकनीक विकसित की है। यह एक विशेष कोड प्रणाली है, जो किसी भी स्थान की सटीक पहचान करने में मदद करती है। इससे डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स और आपातकालीन सेवाओं को लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति
सितंबर 2025 में दुबई में हुए अंतरराष्ट्रीय डाक सम्मेलन में भारत को फिर से प्रमुख वैश्विक डाक निकायों में जगह मिली। इसके साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते भी किए गए।
छोटे उद्यमियों को निर्यात से जोड़ने की पहल
डाक घर निर्यात केंद्र योजना के तहत कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को विदेशी बाजारों से जोड़ा जा रहा है। अब तक देश के सैकड़ों जिलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है।




















