पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलवाद के रूप में भारत माँ को सबसे दर्दनाक घाव दिया और इस समस्या को कभी गंभीरता से हल करने के बजाय इसे नासूर बनने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे क्षेत्र ‘नो-गो ज़ोन’ बन गए थे, जहाँ तिरंगा लहराना भी खतरनाक था और विकास की जगह केवल बम धमाके होते थे।
ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2006 से 2011 के बीच नक्सलियों ने 260 स्कूल ध्वस्त किए और बुनियादी ढांचे पर 1,100 से अधिक हमले किए, लेकिन तत्कालीन सरकार मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2014 के बाद सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाई कि नक्सलवाद से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की इन्हीं प्रभावी नीतियों का परिणाम है कि आज देश दशकों पुरानी इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने की दहलीज पर खड़ा है और अगले दो दिनों में भारत नक्सलवाद से मुक्त होने जा रहा है।





















