मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने शिमला में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में अपनी करारी शिकस्त की बौखलाहट के कारण भाजपा प्रदेश सरकार पर आचार संहिता के उल्लंघन के निराधार और बेतुके आरोप लगा रही है। भाजपा को लोक भवन और मीडिया के सामने झूठ बोलने से पहले अपने पुराने रिकॉर्ड को देखना चाहिए। इतिहास गवाह है कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल में पंचायत चुनावों के दौरान आचार संहिता लागू होने के बावजूद दो बार मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की गई थीं। इसके अलावा प्रो. प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में भी आचार संहिता के मध्य कैबिनेट बैठकें बुलाई गई थीं। नरेश चौहान ने साफ किया कि हाल ही की कैबिनेट बैठक में कोई भी नई घोषणा या नई योजना लागू करने का फैसला नहीं लिया गया है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना पहले से ही चल रही है, जिसके तहत लाहौल-स्पीति, कुपवी और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।

















