सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही फर्जी खबरों के प्रति अपनी सख्त नीति का ऐलान किया है। मंत्रालय ने बताया कि ऑनलाइन misinformation और एआई-जनित डीपफेक सामग्री लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को जिम्मेदारी के साथ प्लेटफॉर्म संचालित करना होगा और फर्जी जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 36 घंटे के भीतर संदिग्ध वीडियो और गलत सूचनाओं को हटाने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई-जनित फेक कंटेंट की पहचान और नियंत्रण के लिए नए मसौदे नियम तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर विशेषज्ञों और जनता की राय ली जा रही है।
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सरकार ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल के तहत तकनीक के लोकतांत्रिकरण को बढ़ावा देने का काम जारी है।




















