ऊना, 28 जुलाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी)हिमाचल प्रदेश की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक ऊना में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर चर्चा के बाद दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन विषयों पर शीघ्र और प्रभावी निर्णय नहीं लिए तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन अभी तक नहीं हो पाया है। विद्यालयों के बंद और विलय, महाविद्यालयों के डी-नोटिफिकेशन, शिक्षकों के रिक्त पद, विश्वविद्यालयोंमें नियमित कुलपतियों और शिक्षकों की कमी तथा आधारभूत सुविधाओं के अभाव से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को आर्थिक बोझ बनने से रोकना सरकार की जिम्मेदारी है।
बैठक में छात्रसंघ चुनावों पर लंबे समय से लगी रोक को विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयोंमें छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल करने तथा बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग की गई।
कार्यकारिणी ने प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई। परिषद ने कहा कि हत्या, महिलाओंके खिलाफ अपराध, नशे के बढ़ते नेटवर्क, साइबरअपराध, सड़क दुर्घटनाओं और भू-माफिया व वन-माफिया की सक्रियता पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। साथ ही युवाओं के लिए कृषि, बागवानी, पर्यटन, स्टार्टअप, कौशल विकास और स्वरोजगार के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
एबीवीपी ने घोषणा की कि प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलनचलाया जाएगा। इसके तहत प्रेस वार्ताएं, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान, छात्र रैलियां और सांकेतिकभूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम चरण में जिला मुख्यालयों पर व्यापक प्रदर्शन कर सरकार के समक्ष विद्यार्थियों और युवाओं की मांगें रखी जाएंगी।
परिषद ने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल छात्रसंघ चुनाव और फीस वृद्धि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रिक्त पदों पर नियुक्तियां, शिक्षण संस्थानों में आधारभूतसुविधाओं का विस्तार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार, महिला सुरक्षा, नशामुक्त हिमाचल औरसुशासन जैसे व्यापक जनहित के मुद्दों को भी केंद्र में रखेगा।
एबीवीपी ने प्रदेश सरकार से विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि लगातार उपेक्षा जारी रही तो संगठन पूरे प्रदेश में अपना जनआंदोलन और तेज करेगा।
















