हमीरपुर।
ओमान तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हमीरपुर के 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी डेक कैडेट आदित्य शर्मा का गुरुवार को उनके पैतृक गांव भालू (हड़ेटा) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में उमड़े सैकड़ों लोगों की आंखें उस वक्त फूट-फूट कर रो पड़ीं, जब पिता राजेश शर्मा ने अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि देने से पहले उसके सिर पर सेहरा सजाया और शेरवानी पहनाई। जिस बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना माता-पिता ने संजोया था, उसे इस रूप में अंतिम विदाई चक्रव्यूह देते देखना हर किसी के कलेजे को चीर गया।
ओमान तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हमीरपुर के 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी डेक कैडेट आदित्य शर्मा का गुरुवार को उनके पैतृक गांव भालू (हड़ेटा) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में उमड़े सैकड़ों लोगों की आंखें उस वक्त फूट-फूट कर रो पड़ीं, जब पिता राजेश शर्मा ने अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि देने से पहले उसके सिर पर सेहरा सजाया और शेरवानी पहनाई। जिस बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना माता-पिता ने संजोया था, उसे इस रूप में अंतिम विदाई चक्रव्यूह देते देखना हर किसी के कलेजे को चीर गया।
मिसाइल हमले का शिकार हुआ था भारतीय क्रू
यह दर्दनाक हादसा तब हुआ जब पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर के इंजन रूम को निशाना बनाकर अमेरिकी सेना द्वारा मिसाइल दागी गई। अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी के तहत यह कार्रवाई की गई थी। हमले के वक्त जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय नाविकों की इस हमले में मौत हो गई। स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले आदित्य ने नवंबर 2025 में ही डेक कैडेट के रूप में अपनी नौकरी शुरू की थी।
यह दर्दनाक हादसा तब हुआ जब पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर के इंजन रूम को निशाना बनाकर अमेरिकी सेना द्वारा मिसाइल दागी गई। अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी के तहत यह कार्रवाई की गई थी। हमले के वक्त जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय नाविकों की इस हमले में मौत हो गई। स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले आदित्य ने नवंबर 2025 में ही डेक कैडेट के रूप में अपनी नौकरी शुरू की थी।
गहरे गम के बीच न्याय की गुहार
शोक में डूबे पिता राजेश शर्मा ने प्रशासन और सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा चेतावनियों के बावजूद जहाज के कैप्टन ने टैंकर को होर्मुज के इतने संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र में आगे क्यों बढ़ाया। नम आंखों से पिता ने कहा कि उनका बेटा तो अब कभी लौटकर नहीं आएगा, लेकिन वह चाहते हैं कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी भयानक त्रासदी और ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।
शोक में डूबे पिता राजेश शर्मा ने प्रशासन और सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा चेतावनियों के बावजूद जहाज के कैप्टन ने टैंकर को होर्मुज के इतने संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र में आगे क्यों बढ़ाया। नम आंखों से पिता ने कहा कि उनका बेटा तो अब कभी लौटकर नहीं आएगा, लेकिन वह चाहते हैं कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी भयानक त्रासदी और ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।




















