शिमला, 27 मई (विज्ञप्ति)। हिमाचल प्रदेश में आगामी जनगणना को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रदेश में 1 जून से हर नागरिक को अपनी और अपने परिवार की गणना स्वयं करने का अवसर मिलेगा। भारत सरकार के संकल्प के तहत इस पूरी प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल से होगी स्व-गणना
जनगणना कार्य निदेशालय, शिमला के अनुसार, आम जनता 1 जून से 15 जून 2026 तक आधिकारिक और सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेगी। इस स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया के पूरा होने पर नागरिकों को एक 11 अंकीय स्व-गणना आई.डी. नम्बर प्राप्त होगा, जो डेटा की गोपनीयता और सटीकता सुनिश्चित करेगा।
16 जून से शुरू होगा मकानों का सूचीकरण
जनगणना 2027 का प्रथम चरण, यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing Operations), 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जनगणना कर्मी (प्रगणक) घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
मोबाइल ऐप से लैस होंगे प्रगणक
इस बार जनगणना की फील्ड प्रविष्टि पूरी तरह से पेपरलेस होगी। प्रगणक कागजी फॉर्म के बजाय अत्याधुनिक HLO मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। जिन नागरिकों ने पहले ही ऑनलाइन स्व-गणना कर ली है, उन्हें प्रगणक के आने पर अपना 11 अंकीय आई.डी. नंबर दिखाना होगा। यह नंबर डालते ही पोर्टल पर दर्ज जानकारी स्वतः प्रगणक के मोबाइल ऐप में प्रदर्शित हो जाएगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।














