हिमाचल प्रदेश में दो या दो से अधिक बिजली मीटर वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म करने के फैसले पर राज्य में सियासत पूरी तरह गरमा गई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पूरी तरह जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में जनता से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का लोकलुभावन वादा करने वाली कांग्रेस सरकार अब प्रदेशभर के लाखों उपभोक्ताओं को मई महीने में भारी-भरकम बिजली बिल भेजकर आर्थिक झटका दे रही है।
भाजपा नेता का दावा है कि दो से अधिक बिजली मीटर वाले घरों पर सब्सिडी समाप्त करने के इस फैसले से प्रदेश के लगभग तीन लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। इसका सीधा और सबसे बुरा असर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले किराएदारों, मध्यम वर्ग, छात्रों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा है, क्योंकि अब उन्हें बिना सब्सिडी के मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। जिन घरों में पहले मामूली या शून्य बिल आते थे, वहां अब सैकड़ों और हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं, जिससे मकान मालिकों और किराएदारों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।
विपिन परमार ने कांग्रेस पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आते ही सरकार अपनी गारंटियों से पीछे हट गई है और अपनी खराब आर्थिक स्थिति का सारा बोझ आम जनता पर डाल रही है। प्रदेश में बिजली, पानी, डीजल और बस किराए में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि भाजपा इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाकर आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।
















