धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों के लिए राहत भरी खबर है। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के अनिवार्य नियम से आ रही परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में फिलहाल मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा जारी रखने का आश्वासन दिया है। वीरवार को कांगड़ा एयरपोर्ट पर बस, टैक्सी और ट्रक ऑपरेटरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं।
ऑपरेटरों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री का रुख
इस मुलाकात के दौरान उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने ऑपरेटरों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि कांगड़ा जिले में आरटीओ (RTO) और एमवीआई (MVI) के माध्यम से कमर्शियल वाहनों के लिए मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध करवाई जाएगी। भारत सरकार द्वारा एटीएस के माध्यम से फिटनेस जांच अनिवार्य किए जाने से पहाड़ी राज्यों में कई व्यावहारिक दिक्कतें आ रही थीं, जिसके बाद ऑपरेटर लगातार इसका विरोध कर रहे थे।
इस मुलाकात के दौरान उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने ऑपरेटरों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि कांगड़ा जिले में आरटीओ (RTO) और एमवीआई (MVI) के माध्यम से कमर्शियल वाहनों के लिए मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध करवाई जाएगी। भारत सरकार द्वारा एटीएस के माध्यम से फिटनेस जांच अनिवार्य किए जाने से पहाड़ी राज्यों में कई व्यावहारिक दिक्कतें आ रही थीं, जिसके बाद ऑपरेटर लगातार इसका विरोध कर रहे थे।
केंद्र के समक्ष उठाया जाएगा मामला
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से भी अपील की है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऑपरेटरों के हितों के लिए इस मुद्दे की पैरवी केंद्र के पास करें।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से भी अपील की है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऑपरेटरों के हितों के लिए इस मुद्दे की पैरवी केंद्र के पास करें।
इस अवसर पर कांगड़ा जिले की विभिन्न ऑपरेटर यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विक्की पठानिया, करतार पठानिया, मेहर सिंह ठाकुर और संजय शर्मा सहित कई अन्य प्रतिनिधि शामिल थे। सभी ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत किया है।













