धर्मशाला | रिपोर्टर: शशि भूषण ,कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विपक्ष और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण में शामिल करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन विपक्ष के लोकतंत्र विरोधी रवैये के कारण इसे समय पर लागू करने में बाधाएं आईं। डॉ. भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति को उनका हक देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इंडी एलायंस (I.N.D.I.A.) के दलों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को रोकने का काम किया है।
मुख्य समाचार: सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि यह अधिनियम 2023 में पारित हुआ था, जिसके तहत 2029 तक लोकसभा की सीटों में वृद्धि के साथ महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का लक्ष्य है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन (Delimitation) के बाद जब सीटें बढ़ेंगी, तब नारी शक्ति को उनका पूरा अधिकार मिलेगा।
उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में एचडी देवगौड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी सपा, आरजेडी और कांग्रेस जैसे दलों ने इस बिल को रोका और नारी शक्ति का अपमान किया। यूपीए शासनकाल (2004-2014) के दौरान भी इस बिल को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। डॉ. भारद्वाज ने इसे ‘इंटेलिजेंट इग्नोरेंस’ (जानबूझकर की गई अनदेखी) करार देते हुए कहा कि भारत की नारी इस अपमान के लिए इंडी एलायंस को कभी माफ नहीं करेगी।




















