शिमला: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महज एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारतीय जनता पार्टी की मूल वैचारिक सोच का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले दशक में देश की महिलाओं की स्थिति और भविष्य दोनों को नई दिशा दी है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने देश को केवल महिलाओं के कल्याण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ‘महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास’ की एक नई संस्कृति विकसित की है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों और विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस जैसे दलों ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश को गुमराह किया और महिलाओं के साथ एक ऐतिहासिक विश्वासघात किया। डॉ. सिंह के अनुसार, पहले की सरकारों में जो मुद्दे केवल चर्चाओं तक सीमित थे, उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने धरातल पर उतारा है। उन्होंने उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन बुनियादी बदलावों ने महिलाओं के जीवन से संघर्ष कम किया है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि आज भारत की बेटियां केवल घर की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सिविल सेवा में 31 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी दर्ज करा रही हैं और सेना में लड़ाकू भूमिकाएं निभा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के आने से अब महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी बनकर नहीं रहेंगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण और शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभरेंगी।
















