8 अप्रैल 2026 | धर्मशाला :-विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन के तत्वावधान में रेड क्रॉस मेले के दौरान पुलिस ग्राउंड, धर्मशाला में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। संदीप कुमार मंडल आयुक्त कांगड़ा, इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर की जांच तथा छाती का एक्स-रे जैसी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। इससे टीबी और गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान में मदद मिली। मुख्य अतिथि ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में नियमित जांच कराने और बीमारी से बचाव की आदत विकसित होती है।
डॉ. आर के सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं टीबी अधिकारी, ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों और वार्डों में ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिविर की एक खास विशेषता आधुनिक तकनीक का उपयोग था, जिसमें बैटरी से चलने वाले पोर्टेबल और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया। यह मशीन एक मिनट के भीतर एक्स-रे की जांच और रिपोर्ट देने में सक्षम है। यह तकनीक विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के उस उद्देश्य को दर्शाती है, जिसमें सभी तक सस्ती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
जब उपकरणों की बैटरी समाप्त हो गई, तब भी मेडिकल टीम ने कार चार्जर के माध्यम से उन्हें चार्ज कर सेवाएं जारी रखीं, जिससे किसी भी व्यक्ति को असुविधा नहीं हुई।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ ओमेश भारती, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उपनिदेशक, ने लोगों से संवाद किया। उन्होंने बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी। साथ ही सांप के काटने और कुत्ते के काटने पर प्राथमिक उपचार के बारे में भी सरल तरीके से समझाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक और सही चिकित्सा सलाह अपनाएं।
इस अवसर पर जिलाधीश हेम राज बैरवा, ए डी सी विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक करोल और विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ निकेत सतापारा सहित कई अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। धर्मशाला, टांडा और नगरोटा बगवां के चिकित्सा अधिकारी तथा शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भी शिविर के सफल आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में बेबी शो और एक रोचक लाइव स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी शामिल रही, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रश्नोत्तरी में पोषण, रक्तदान, फेफड़ों का स्वास्थ्य, किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण, एनीमिया और सामान्य स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल थे। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को डॉ विवेक करोल ने पुरस कृत किया।
बॉक्स 1: उदाहरण पेश किया: इस शिविर में 52 लोगों ने स्वास्थ्य जांच का लाभ लिया। खास बात यह रही कि डॉ. ओमेश भारती ने स्वयं भी अपना छाती का एक्स-रे करवाया, जिससे उन्होंने लोगों को नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित किया।
बॉक्स 2: प्रदर्शनी: कार्यक्रम के दौरान टीबी और एचआईवी/एड्स पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने लोगों और मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। इसमें वैश्विक End एड्स 95-95-95 के लक्ष्यों और टीबी मुक्त भारत अभियान की रणनीतियों को सरल तरीके से समझाया गया। मेले में विभिन्न विभागों ने भी अपनी गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई। यह कार्यक्रम जन-स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभागों के मिलकर काम करने की आवश्यकता को दर्शाता है और लोगों में जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना।


















