*धर्मशाला, 30 मार्च 2026:*
जिला कांगड़ा में टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा-सह-क्षमता निर्माण बैठक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य कार्यक्रम की प्रगति का आकलन, मुख्य परिचालन संकेतकों की समीक्षा, तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। यह बैठक जिला स्तर पर टीबी उन्मूलन प्रयासों को और अधिक गति देने तथा जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी जो टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की सामूहिक प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
_बैठक की अध्यक्षता डॉ. विवेक करोल,_ मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा द्वारा की गई। बैठक में डॉ. आर.के. सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी, कांगड़ा, डॉ. निकेत, डब्ल्यू एच ओ कंसल्टेंट, तथा जिले के सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स , सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स , ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर्स तथा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के पर्यवेक्षी स्टाफ उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कार्यक्रम के प्रमुख अधिकारियों और फील्ड स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की व्यापक समीक्षा तथा सांझा प्राथमिकताओं की स्पष्ट समझ सुनिश्चित की।
बैठक में Q1 2026 वर्तमान कोहोर्ट के लिए डीटीवीसी प्रदर्शन, एलजीडी मैपिंग, दैनिक रिपोर्टिंग प्रारूप तथा टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के व्यापक क्रियान्वयन रोडमैप जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम घटकों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में विशेष रूप से कार्यक्रम निगरानी प्रणाली को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन, एनटीईपी के जिला एवं राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बना रहे।
बैठक के दौरान मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक करोल ने ब्लॉक-स्तरीय जवाबदेही, प्रभावी समन्वय, तथा डेटा-आधारित निगरानी के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता केवल सेवाओं की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समयबद्ध रिपोर्टिंग, सक्रिय पर्यवेक्षण और उपचार के प्रत्येक चरण में मरीजों की निरंतर फॉलो-अप पर भी समान रूप से निर्भर करती है। उन्होंने सभी ब्लॉक एवं पर्यवेक्षी टीमों से अपील की कि वे अधिक प्रतिबद्धता, सटीकता और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्यक्रम क्रियान्वयन को और अधिक सशक्त बनाएं।
_डॉ. आर.के. सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवम जिला क्षय रोग अधिकारी_ , कांगड़ा ने कोहोर्ट मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने, फॉलो-अप सिस्टम को मजबूत करने, तथा सभी ब्लॉकों में उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ सूद ने कहा कि कोहोर्ट प्रदर्शन की समयबद्ध समीक्षा और कार्यक्रम संकेतकों की सतत निगरानी कार्यक्रम की कमियों की पहचान, उपचार परिणामों में सुधार, तथा हर मरीज तक निर्बाध सहायता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दैनिक रिपोर्टिंग प्रारूपों के मानकीकरण की आवश्यकता भी दोहराई, ताकि सुसंगतता, पारदर्शिता और जिला स्तर पर बेहतर निर्णय-निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान डॉ. निकेत, डब्ल्यू एच ओ कंसल्टेंट ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए डेटा गुणवत्ता, मानकीकृत रिपोर्टिंग प्रणाली, तथा सूक्ष्म-स्तरीय योजना (माइक्रो-प्लानिंग) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी टीमों को साक्ष्य-आधारित निगरानी पर विशेष ध्यान देने तथा एल जी डी मैपिंग के माध्यम से स्थानीय स्तर की योजना को सुदृढ़ करने और टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया।
यह बैठक जिला के सभी बीएमओ,एसएमओ , बीपीएम और एनटीईपी पर्यवेक्षी स्टाफ के लिए एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण मंच के रूप में भी सामने आई। प्रतिभागियों को फील्ड समन्वय में सुधार, रिपोर्टिंग प्रणाली को सुव्यवस्थित करने, पर्यवेक्षी प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने, तथा ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम क्रियान्वयन की गुणवत्ता बढ़ाने के संबंध में संवेदनशील एवं उन्मुख किया गया। बैठक की इंटरैक्टिव प्रकृति ने मैदानी चुनौतियों पर खुली चर्चा तथा सेवा वितरण और निगरानी को बेहतर बनाने के व्यावहारिक उपायों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान किया।
बैठक का समापन समन्वित कार्यवाही, गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण, तथा निरंतर जन भागीदारी के सशक्त आह्वान के साथ हुआ, ताकि जिला कांगड़ा में टीबी उन्मूलन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके। इस बैठक ने टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत क्रियान्वयन को और अधिक मजबूत बनाने तथा सामूहिक प्रयास, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी मुक्त भारत की दिशा में जिला कांगड़ा की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।





















