शिमला/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर वैट (VAT) बढ़ाने के फैसले के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं और सांसदों ने इस कदम को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसदों का कहना है कि आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए सरकार प्रदेश की जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है।
किसानों और बागवानों पर पड़ेगा सीधा असर: सुरेश कश्यप
शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग, किसानों और बागवानों की कमर टूट जाएगी। कश्यप ने कहा, “हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है जहाँ परिवहन लागत पहले ही अधिक है। तेल महंगा होने से पर्यटन और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह फैसला कांग्रेस की जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है।”
विकास नहीं, महंगाई को बढ़ावा दे रही सरकार: डॉ. राजीव भारद्वाज
कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने इसे आम जनता की जेब पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि जब पेट्रोल-डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिससे हर आवश्यक वस्तु की कीमत बढ़ जाती है। डॉ. भारद्वाज के अनुसार, “कांग्रेस सरकार विकास के दावे तो करती है, लेकिन हकीकत में वह गलत आर्थिक नीतियों के जरिए केवल महंगाई को बढ़ावा दे रही है।”
वित्तीय विफलता का प्रमाण है टैक्स वृद्धि: हर्ष महाजन
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदहाल है और सरकार अपनी विफलता का बोझ जनता पर डाल रही है। महाजन ने कहा, “जब सरकार कर्ज और खर्चों को नियंत्रित नहीं कर पाती, तो वह टैक्स बढ़ाकर जनता को लूटती है। पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाना कांग्रेस की प्रशासनिक और वित्तीय विफलता का सबसे बड़ा सबूत है।”





















