प्रिया शर्मा, कुल्लू
कुल्लू: देवभूमि कुल्लू में राम नवमी का पावन पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की।
भक्तिमय हुआ वातावरण
शोभायात्रा का आगाज रामशिला बाजार स्थित हनुमान मंदिर से हुआ। यहाँ से शुरू होकर यात्रा अखाड़ा बाजार और शहर के मुख्य बाजारों से होती हुई ऐतिहासिक ढालपुर मैदान पहुंची। पूरी घाटी ‘जय श्री राम’ के जयकारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रही। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान व प्रसाद की विशेष व्यवस्था की।
शोभायात्रा का आगाज रामशिला बाजार स्थित हनुमान मंदिर से हुआ। यहाँ से शुरू होकर यात्रा अखाड़ा बाजार और शहर के मुख्य बाजारों से होती हुई ऐतिहासिक ढालपुर मैदान पहुंची। पूरी घाटी ‘जय श्री राम’ के जयकारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रही। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान व प्रसाद की विशेष व्यवस्था की।
झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इस भव्य आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), इस्कॉन कुल्लू, सरस्वती विद्या मंदिर और एकल विद्यालय सहित कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शोभायात्रा में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इस भव्य आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), इस्कॉन कुल्लू, सरस्वती विद्या मंदिर और एकल विद्यालय सहित कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सांस्कृतिक संगम और पारंपरिक नाटी
ढालपुर मैदान पहुंचने पर उत्सव का रंग और भी गहरा हो गया। यहाँ उपस्थित हजारों लोगों ने कुल्लू की पारंपरिक ‘कुल्लवी नाटी’ डालकर समां बांध दिया। शाम को आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने प्रभु राम के जीवन पर आधारित प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ढालपुर मैदान पहुंचने पर उत्सव का रंग और भी गहरा हो गया। यहाँ उपस्थित हजारों लोगों ने कुल्लू की पारंपरिक ‘कुल्लवी नाटी’ डालकर समां बांध दिया। शाम को आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने प्रभु राम के जीवन पर आधारित प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सद्भावना का संदेश
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने आपसी भाईचारे और सद्भावना का एक कड़ा संदेश भी दिया। देर रात तक चले इस उत्सव ने पूरी कुल्लू घाटी को राममय कर दिया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने आपसी भाईचारे और सद्भावना का एक कड़ा संदेश भी दिया। देर रात तक चले इस उत्सव ने पूरी कुल्लू घाटी को राममय कर दिया।





















