मनाली (प्रिया शर्मा): विश्व विख्यात पर्यटन नगरी मनाली को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे एक बार फिर भ्रष्टाचार और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। अभी जुलाई-अगस्त की मूसलाधार बरसात में काफी समय शेष है, लेकिन मार्च की शुरुआती बारिश ने ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हाईवे को सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों की लागत से बनाए गए डंगे (Safety Walls) महज दो दिन की बारिश में ताश के पत्तों की तरह ढह कर नदी में समा गए हैं। यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है क्योंकि इन डंगों को बने अभी 9 महीने का समय भी नहीं बीता है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का आरोप है कि NHAI और ठेकेदारों ने केवल खानापूर्ति के लिए घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया है, जिसके कारण सड़क के नीचे से ज़मीन खिसक रही है और हाईवे कई जगहों पर संकरा व जानलेवा हो गया है। वर्तमान में भारी वाहनों और बसों को इन खतरनाक रास्तों से जान जोखिम में डालकर गुज़ारना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि पिछले साल की भारी आपदा से सबक लेने के बजाय प्रशासन और NHAI अभी भी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं। यदि मार्च की मामूली बारिश में करोड़ों का निर्माण बह रहा है, तो मानसून के पीक सीजन में होने वाली तबाही की कल्पना मात्र से ही पर्यटन कारोबारी और स्थानीय जनता सहमे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत पुख्ता मरम्मत नहीं की गई, तो इस बार भी मनाली का पर्यटन सीजन किसी बड़ी त्रासदी की भेंट चढ़ सकता है। एक तरफ जहाँ NHAI टोल टैक्स वसूलने के लिए भारी जल्दबाजी दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क की सुरक्षा और मजबूती पर पूरी तरह चुप्पी साधी गई है। स्थानीय जनता का मानना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है। समय रहते इन खस्ताहाल हिस्सों को दुरुस्त न किया गया तो नेशनल हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो सकता है, जिससे कुल्लू-मनाली का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट जाएगा।



















