धर्मशाला | रिपोर्टर: शशि भूषण
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के प्रथम दिन ही उत्तर भारत के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे। पूरा मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गुंजायमान रहा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DC ने टेका मत्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए परिसर में करीब 37 पुलिसकर्मियोंको तैनात किया गया है, ताकि भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें। इस अवसर पर जिला उपायुक्त (DC) ने भी मंदिर पहुँचकर माता का आशीर्वाद लिया और देश की समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए परिसर में करीब 37 पुलिसकर्मियोंको तैनात किया गया है, ताकि भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें। इस अवसर पर जिला उपायुक्त (DC) ने भी मंदिर पहुँचकर माता का आशीर्वाद लिया और देश की समृद्धि की कामना की।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने देश में चल रही गैस किल्लत के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में गैस आपूर्ति की समस्या अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है।
अटूट विश्वास: किसी को 14 साल बाद मिला संतान सुख, कोई 10 वर्षों से जला रहा अखंड ज्योत
शक्तिपीठ में भक्तों की आस्था के कई भावुक दृश्य देखने को मिले। एक श्रद्धालु, जिनकी मनोकामना पूर्ण हुई, वे पिछले 10 वर्षों से अखंड ज्योत जलाकर माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने पहुँचे। वहीं, एक अन्य परिवार 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संतान सुख प्राप्त होने पर माता का शुक्रिया अदा करने पहुँचा था। भक्तों का कहना है कि माता के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता।
शक्तिपीठ में भक्तों की आस्था के कई भावुक दृश्य देखने को मिले। एक श्रद्धालु, जिनकी मनोकामना पूर्ण हुई, वे पिछले 10 वर्षों से अखंड ज्योत जलाकर माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने पहुँचे। वहीं, एक अन्य परिवार 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संतान सुख प्राप्त होने पर माता का शुक्रिया अदा करने पहुँचा था। भक्तों का कहना है कि माता के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता।
बारिश भी नहीं डिगा सकी भक्तों का हौसला
नवरात्रि के पहले दिन मौसम का मिजाज भी बदला और हल्की बारिश हुई। हालांकि, प्रकृति की इस परीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भक्त बारिश में भीगते हुए भी लंबी कतारों में डटे रहे और माता के जयकारे लगाते रहे। श्रद्धालुओं का यह समर्पण उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास की जीती-जागती मिसाल पेश कर रहा है।
नवरात्रि के पहले दिन मौसम का मिजाज भी बदला और हल्की बारिश हुई। हालांकि, प्रकृति की इस परीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भक्त बारिश में भीगते हुए भी लंबी कतारों में डटे रहे और माता के जयकारे लगाते रहे। श्रद्धालुओं का यह समर्पण उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास की जीती-जागती मिसाल पेश कर रहा है।
प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक इजाफा होगा, जिसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।



















