पालमपुर, 21 फरवरी।
पालमपुर बस डिपो में इलेक्ट्रिक बस का दो दिवसीय ट्रायल शुरू किया गया। ट्रायल के पहले दिन बस को पालमपुर से चढ़ियार–सेरी मोलग और पुनः सेरी मोलग से पालमपुर रूट पर चलाकर इसकी कार्यक्षमता और प्रदर्शन का परीक्षण किया गया।
Ashish Butail ने पालमपुर बस स्टैंड पर बस का निरीक्षण किया तथा Himachal Road Transport Corporation (एचआरटीसी) के अधिकारियों से तकनीकी पहलुओं और ट्रायल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वयं पालमपुर से चंदपुर–गलूलंगा रूट पर सुभाष चौक तक बस में सफर कर संचालन का अनुभव भी साझा किया।
विधायक ने Thakur Sukhvinder Singh Sukhu और Mukesh Agnihotri का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। प्रदेश भर में इलेक्ट्रिक बसों के प्रोटोटाइप का ट्रायल किया जा रहा है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों, ढलानों और विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में इनकी कार्यक्षमता का सटीक आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह ट्रायल भविष्य की रणनीति तय करने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे यह निर्धारित किया जा सकेगा कि कौन-सी बस किस रूट के लिए सबसे उपयुक्त है। डीजल बसों के स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ये बसें धुआं रहित होने के कारण प्रदूषण मुक्त हैं और इनमें शोर भी बेहद कम है, जिससे यात्रियों को शांत और सुखद यात्रा अनुभव मिलेगा।
विधायक ने विश्वास जताया कि ट्रायल रिपोर्ट और विभागीय सुझावों के आधार पर शीघ्र ही पालमपुर के प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर वूल फेडरेशन निदेशक मंडल के सदस्य त्रिलोक चंद, एचआरटीसी के मंडल प्रबंधक पंकज चड्ढा, क्षेत्रीय प्रबंधक नितेश शर्मा सहित निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
















