सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। जिला कुल्लू की सैंज घाटी में वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा ने तलाड़ गांव के एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते परिवार का मकान पूरी तरह ढह गया, जिससे वे अचानक बेघर हो गए। घर गिरने के बाद प्रभावित परिवार ने पास की एक गौशाला में अस्थायी शरण ली है। परिवार ने बताया कि उनके पास सुरक्षित रहने का कोई विकल्प नहीं बचा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
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स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत राहत सामग्री, आर्थिक मदद और स्थायी आवास उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि परिवार को आगे गंभीर कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। घाटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के समय सहायता में देरी से प्रभावित परिवारों की हालत और भी दयनीय हो सकती है। प्रशासन ने फिलहाल स्थल का निरीक्षण करने की बात कही है और जल्द ही राहत कार्य प्रारंभ करने की संभावना है।
कुल्लू से प्रिया शर्मा की रिपोर्ट।



















