सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दी गई वित्तीय सहायता और विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार केंद्र के बजट आवंटन को लेकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक संसाधन प्राप्त हुए हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया, बल्कि राज्य को केंद्रीय करों और अनुदानों के रूप में अभूतपूर्व सहायता दी गई। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के समय 2004 से 2014 के बीच हिमाचल को केंद्रीय करों में जहां करीब 12,600 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं 2014 से 2026 के बीच यह राशि बढ़कर लगभग 76,800 करोड़ रुपये हो गई है। इसी तरह केंद्र से मिलने वाला कुल अनुदान भी यूपीए काल के 50 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर मोदी सरकार के दौरान 1.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है, बल्कि राज्य का शुद्ध कर हिस्सा 0.830 प्रतिशत से बढ़कर 0.914 प्रतिशत हुआ है। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2026-27 में राज्य को मिलने वाली वार्षिक केंद्रीय कर प्राप्तियां लगभग 2,300 करोड़ रुपये बढ़ने का अनुमान है। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस द्वारा “अन्यायपूर्ण कटौती” के दावे तथ्यहीन और भ्रामक हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने हिमाचल में बड़े स्तर पर निवेश किया है।
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AIIMS बिलासपुर, IIM सिरमौर, केंद्रीय विश्वविद्यालय, नए मेडिकल कॉलेज, बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा रही हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की कि वे राज्य के हित में राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र के साथ सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अधिक ब्याज दर पर लिए गए कर्ज के बोझ को कम करने के लिए केंद्र से बातचीत करना चाहती है, तो सभी सांसद इस प्रयास में उनके साथ खड़े हैं। ठाकुर ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारी संघवाद की भावना से काम करने पर केंद्र सरकार राज्यों की मदद करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 16वें वित्त आयोग द्वारा मानदंडों में किए गए बदलाव पूरे देश के लिए समान और फॉर्मूला आधारित हैं, जिससे कई विपक्ष शासित राज्यों को भी लाभ हुआ है। इसलिए इस प्रक्रिया को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। अनुराग सिंह ठाकुर ने अंत में कहा कि हिमाचल का डेवोल्यूशन घटा नहीं है, बल्कि बढ़ा है और केंद्र सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





















