सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि केंद्र सरकार की नई योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी–जी राम जी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास का नया मॉडल पेश करेगी। उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास को सीधे जोड़ने वाली परिणामोन्मुखी व्यवस्था है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत में पिछले दशकों में कई ग्रामीण रोजगार योजनाएं चलाई गईं, जैसे रूरल मैनपावर प्रोग्राम और मनरेगा। लेकिन बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य और जमीनी अनुभवों के आधार पर अब वीबी–जी राम जी योजना लागू की गई है, जिसमें 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी दी गई है। यह रोजगार गांवों के विकास कार्यों से जुड़ा होगा और ग्राम सभा स्तर पर तैयार किए गए विकास प्लान के माध्यम से ब्लॉक, जिला और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा। उन्होंने योजना की तकनीकी विशेषताओं का भी उल्लेख किया, जिसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मल्टी-लेवल मॉनिटरिंग, समयबद्ध भुगतान और छह माह में समीक्षा शामिल हैं। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है तो लाभार्थी को मुआवजा मिलेगा, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी । डॉ. बिंदल ने वित्तीय पहलू पर भी प्रकाश डाला और बताया कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए फंडिंग का अनुपात 90:10 रखा गया है, जबकि अन्य राज्यों में यह 60:40 है।
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उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान प्रदेश में 16.52 लाख मंडेज रोजगार सृजित हुए, जबकि मोदी सरकार के तहत यह संख्या 32.6 लाख मंडेज तक बढ़ गई। केंद्र सरकार ने वीबी–जी राम जी योजना के लिए लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने योजना के चार मुख्य क्षेत्र भी बताए: ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका। साथ ही प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि योजना का बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित हो सके। डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर भी हमला करते हुए कहा कि केवल नाम बदलने का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि असली मुद्दा परिणाम और विकास है। उन्होंने कहा कि वीबी–जी राम जी योजना राजनीति से प्रेरित नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यदि राज्य सरकार समय पर अपना 10 प्रतिशत अंशदान नहीं देती, तो यह ग्रामीण विरोधी मानसिकता को दर्शाएगा। भाजपा योजना को घर-घर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।





















