सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। नववर्ष के पहले दिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने धर्मशाला स्थित बोर्ड कार्यालय में कर्मचारियों से सीधा संवाद करते हुए अपने विजन और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान का समर्थन करते हुए शिक्षा को इससे जोड़ने की बात कही और शिक्षा युक्त व चिट्टा मुक्त हिमाचल के संयुक्त अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। डॉ. शर्मा ने कर्मचारियों से समयबद्ध और तेज़ी से काम करने की अपेक्षा जताई तथा निजी स्कूल संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शिक्षा बोर्ड की पाठ्यपुस्तकें लागू न करने वाले संस्थानों की संबद्धता रद्द की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह पद को रोजगार के रूप में नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार और बेहतर व्यवस्था देने के अवसर के रूप में देखते हैं। डॉ. शर्मा ने बोर्ड को आत्मनिर्भर बनाने में कर्मचारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कार्यसंस्कृति में और सुधार के लिए बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि हर कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके।





















