धर्मशाला : जिला कांगड़ा में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल का रास्ता अपनाया है। जिला कांगड़ा 108/102 एंबुलेंस यूनियन ने 48 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी और सरकार उनकी जायज़ मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही हैं, जिससे उन्हें मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है।
यूनियन के जिला प्रधान प्रशांत ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल की हो। इससे पहले भी मई और अक्टूबर माह में यूनियन द्वारा हड़ताल की जा चुकी है, लेकिन अब तक सरकार और कंपनी की ओर से कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ओवरटाइम भुगतान, न्यूनतम वेतन और छुट्टियों का प्रावधान शामिल है, जिन पर किसी तरह का अमल नहीं हो रहा।
यूनियन का दावा है कि प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े करीब 1300 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनका कंपनी द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है। प्रशांत ने आरोप लगाया कि सीटू से जुड़ने के बाद कर्मचारियों पर दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि कंपनी को लगता है कि अब कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एंबुलेंस चालक पूरी सावधानी से सेवाएं देने के बावजूद छोटी-छोटी गलतियों पर सोलन कार्यालय बुलाए जाते हैं। कई मामलों में कर्मचारियों के ट्रांसफर कर दिए जाते हैं या उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
यूनियन का कहना है कि न तो कंपनी उनकी बात सुन रही है और न ही सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है। हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।




















