सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। धर्मशाला, 26 दिसंबर। कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 के अंतर्गत आज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धर्मशाला के ऑडिटोरियम में कांगड़ा वैली लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य, कला, रंगमंच और सामाजिक विमर्श का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों की बड़ी उपस्थिति रही। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य समाज की आत्मा होता है, जो विचारों को दिशा देने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को स्थानीय संस्कृति, कला और साहित्य के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए आयोजकों की सराहना की। मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं विद्वान के.सी. शर्मा ने “साहित्य: समाज की अंतरात्मा” विषय पर अपने विचार रखते हुए साहित्य को सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम के दौरान केदार ठाकुर द्वारा रचित एवं निर्देशित सामाजिक नाटक ‘वेब’ का मंचन किया गया, जिसमें प्रदेश में बढ़ते चिट्टा संकट को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों को गहराई से सोचने पर विवश किया। साहित्य उत्सव में अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने कविता, ग़ज़ल और लघुकथाओं के माध्यम से अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। समापन सत्र में एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह द्वारा एआई के युग में पठन और चिंतन विषय पर पैनल चर्चा का संचालन किया गया, जिसने आधुनिक तकनीक और मानवीय विवेक के संबंध पर सार्थक संवाद स्थापित करते हुए आयोजन को यादगार बना दिया।





















