सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार द्वारा पेंशनरों के मामलों में उदासीनता पर गंभीर चिंता जताई है। मंडी से जारी बयान में ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से सरकार पेंशनरों को केवल झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं दे रही है। पेंशनर्स समय पर पेंशन तक नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं व दवाओं में सहायता न के बराबर है। ठाकुर ने कहा, “इस उम्र में नागरिकों को विशेष देखभाल और इलाज की आवश्यकता होती है, फिर भी सरकार ने तीन साल में इलाज और दवाओं पर एक भी पैसा नहीं दिया।” उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेंशनरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते माफिया और अवैध खनन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लंबे समय से राज्य के कई नेताओं से जुड़ी हुई है और अब यह गंभीर रूप ले रही है, जबकि सरकार इसे दूर से देख रही है। ठाकुर ने अपराधियों और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि राज्य की सुरक्षा, पहचान और संस्कृति सुरक्षित रह सके।
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इस बीच, सुंदरनगर के महादेव निवासी डॉ. संजय कुमार ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली, जिसका स्वागत जयराम ठाकुर ने पटका पहनाकर किया। डॉ. संजय पच्चीसी खेल महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश डॉजबॉल खेल संघ के चैयरमैन हैं। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की विचारधारा से प्रेरित हैं और पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहते हैं। जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा में वंदे मातरम पर दिए गए उद्बोधन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसके ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को स्पष्ट और गरिमापूर्ण ढंग से पेश किया। ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम पर लगाया गया प्रतिबंध निंदनीय बताया और कहा कि इसका सम्मान राजनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रश्न है। अंत में, ठाकुर ने बीआरओ और केंद्र सरकार का हिमाचल में महत्वपूर्ण विकास और सामरिक परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मनाली–लेह मार्ग पर शोगटोंग ब्रिज, जिंगजिंगबर के दो मल्टी-सेल बॉक्स ब्रिज, 60 मीटर का यूनम ब्रिज और श्योक टनल जैसी परियोजनाओं से सीमा क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने बीआरओ टीम की मेहनत की सराहना की और उम्मीद जताई कि हिमाचल में विकास और सामरिक परियोजनाओं की गति इसी तरह जारी रहेगी।





















