सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। प्रदेश में विकास कार्यों के लंबित भुगतानों को लेकर ठेकेदारों में बढ़ती चिंता आज विधानसभा परिसर तक पहुंच गई। कांगड़ा जिला की ठेकेदार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर महीनों से अटके हुए बिलों और आर्थिक संकट के बारे में जानकारी दी। समिति के अध्यक्ष गोल्डी चौधरी ने बताया कि सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्यों पर खर्च की गई रकम अब तक ट्रेज़री में फंसी हुई है, जबकि ठेकेदारों ने अपने निजी संसाधनों से काम पूरा किया है।
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इस वजह से कई ठेकेदार मजदूरों का वेतन, मशीनरी का किराया और बैंक ईएमआई तक समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले लोक निर्माण मंत्री से भी बातचीत की गई थी, लेकिन स्थिति नहीं बदली। मुख्यमंत्री से हुई हालिया मुलाकात में उन्हें आश्वासन मिला कि 10 जनवरी तक भुगतान जारी कर दिया जाएगा, जिससे ठेकेदारों में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है। गोल्डी चौधरी ने यह भी कहा कि ठेकेदार मेहनतकश लोग हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए, इसलिए फंसे हुए बिल तुरंत क्लियर करना जरूरी है।
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