सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाया हुआ है। आरएसएस पर मंत्री जगत सिंह नेगी की विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राकेश शर्मा ने नेगी के बयान को “अभद्र, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का संकेत” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार न तो शासन में कोई ठोस उपलब्धि दे पाई है और न ही अपने नेताओं की भाषा पर संयम रख पा रही है। शर्मा ने आरएसएस को “देश का सबसे अनुशासित और राष्ट्रनिर्माण में सबसे प्रभावशाली संगठन” बताते हुए कहा कि कांग्रेस, संघ की बढ़ती स्वीकार्यता और भाजपा के नेतृत्व को देखकर बौखलाई हुई है। उनका कहना था कि सौ वर्षों से सेवा और संगठन के कामों में जुटे स्वयंसेवकों को कटाक्ष का निशाना बनाना कांग्रेस की “नकारात्मक राजनीति” को दर्शाता है।
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भाजपा प्रवक्ता ने व्यक्तिगत तौर पर नेगी पर निशाना साधते हुए कहा कि “काम में नाकाम और ज्ञान में कमी रखने वाले” नेता ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को सबसे अधिक तकलीफ इस बात से है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारवाद की राजनीति से नहीं, बल्कि “राष्ट्रवादी विचारधारा और संघ की तपस्या” से आगे बढ़े नेता हैं।राकेश शर्मा ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि तीन साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार जनता से किए वादों पर खरा नहीं उतर सकी है। उनका कहना था कि “हवाई घोषणाओं और झूठे वादों” से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। शर्मा ने चेतावनी दी कि राष्ट्रसेवा में जुटे संगठनों पर असत्य आरोप लगाना न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि जनता इसे पसंद भी नहीं करेगी।





















