सिद्धि विनायक टाइम्स ब्यूरो रिपोर्ट। चंडीगढ़ : पिछले कुछ दिनों से यहां एक सवाल पूरे उत्तर भारत की राजनीति में गर्माया हुआ था – क्या चंडीगढ़ की शासन व्यवस्था बदलने वाली है?
राजनैतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक, चर्चाएँ जोर । कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार अनुच्छेद 240 के तहत चंडीगढ़ पर नया प्रावधान लागू करने जा रही है…
और इससे पंजाब और हरियाणा की पारंपरिक व्यवस्थाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
इन दावों से लोगों में सवाल उठ रहे थे :
क्या वाकई चंडीगढ़ की स्टेटस को बदलने की तैयारी है?
क्या कोई बड़ा बिल आने वाला है?
क्या आगामी शीतकालीन सत्र में कुछ बड़ा होने वाला है?
यह बताया गया कि केंद्र शासित प्रदेशों के लिए क़ानून बनाने की प्रक्रिया में बदलाव पर चर्चा हो रही है। राजनैतिक गलियारों में लगातार सवाल उठते रहे की —क्या यह चंडीगढ़ के प्रशासनिक ढांचे की ओर कोई इशारा है?
और अब कई दिनों की अटकलों के बाद…अंततः सरकार की ओर से प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और गृह मंत्रालय ने एक्स पोस्ट प्रति ट्वीट करते हुए स्पष्ट किया की➡ “यह सिर्फ एक प्रक्रिया को सरल करने का प्रस्ताव है और इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण पहलू ये है
चंडीगढ़ की मौजूदा शासन व्यवस्था या प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की कोई योजना नहीं है।
➡ न ही पंजाब और हरियाणा के साथ पारंपरिक व्यवस्थाओं को छेड़ा जाएगा।
➡ और शीतकालीन सत्र में ऐसा कोई बिल लाने का भी कोई इरादा नहीं है।”
https://x.com/pibhomeaffairs/status/1992498963585650728?s=48






















