शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। सीमित संसाधनों और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने गरीब वर्ग, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए भविष्य का रोडमैप पेश किया है।
आम आदमी को राहत: बिजली और मकान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, बेघर परिवारों के लिए 27,000 नए घर चरणबद्ध तरीके से बनाने का निर्णय लिया गया है। दिव्यांगजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में भी वृद्धि की गई है, जिससे समाज के वंचित वर्गों को संबल मिलेगा।
‘हिम चंडीगढ़’ के साथ तीन नए आधुनिक शहर
प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए सरकार तीन नए आधुनिक शहर बसाने की योजना पर काम कर रही है। इसमें सबसे प्रमुख “हिम चंडीगढ़” प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर करीब 10-10 बीघा जमीन चिन्हित की जा रही है, जो भविष्य में हिमाचल के विकास के नए केंद्र बनेंगे।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार
स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव का दावा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में 19 साल पुरानी MRI मशीनों को हटाकर अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब नगर निगम के माध्यम से RO सिस्टम द्वारा स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
वित्तीय स्थिति और केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य 10 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय दबाव में है, जिसके चलते अधिकारियों के वेतन में अस्थायी कटौती की गई है, ताकि आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने केंद्र सरकार पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि 8,000 करोड़ रुपये की RDG सहायता मिलती, तो बजट और भी जनहितकारी होता।
आत्मनिर्भर हिमाचल का संकल्प
विपक्ष (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजनीति नहीं बल्कि विकास है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 6 महीनों में हिमाचल आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम उठाएगा और पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा।





















