क्लेम पास नहीं करने पर निर्माण कामगारों ने किया धरना प्रदर्शन। ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर केंद्रीय ट्रेड यूनियन के बैनर तले निर्माण श्रमिकों ने उप मंडल अधिकारी पालमपुर के कार्यालय में धरना दिया । उन्होंने मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में मांग की है कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लंबित क्लेम पास किए जाएं । उन्होंने हिमाचल प्रदेश निर्माण श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड पर मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया है ।उन्होंने कहा है कि कभी आवेदन के फॉर्म बदल दिए जाते हैं कभी 2 महीने की शर्त लगा दी जाती है कभी केवाईसी के लिए कहा जाता है और जब सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है तो नया नियम आ जाता है की 1 वर्ष पुराना क्लेम पास नहीं होगा जबकि ऐसा कानून में कोई प्रावधान नहीं है। इस बोर्ड में जो सचिव में लगाया गया है उसके पास कई अन्य विभागों का भी अतिरिक्त कार्यभार है और वह विभाग शिमला में स्थित है जबकि कल्याण बोर्ड का मुख्यालय हमीरपुर में स्थानांतरित किया गया है।यह सचिव महोदय कभी हमीरपुर के कार्यालय में आते ही नहीं है जिसके कारण गरीब निर्माण मजदूर को कानूनी योजनाओं से वंचित किया जा रहा है। बोर्ड ने पिछले वित्तीय वर्ष के लिए 160 करोड़ रुपया मजदूरों पर खर्च करने का बजट पास किया था लेकिन आज मार्च महीना खत्म होने वाला है और अभी तक केवल 20 करोड़ रुपए ही मजदूरों को जारी किए गए हैं और हजारों छात्रवृत्ति, मृत्यु, चिकित्सा, मंदबुद्धि, मुख्यमंत्री आवास योजना, शादी आदि के लाभार्थियों के क्लेम कल्याण बोर्ड के दफ्तर में पड़े हैं यहां तक ही नहीं जो क्लेम बोर्ड ने पास किए थे उनको भी 3 महीने बीत जाने पर सहायता राशि नहीं मिली है। पिछले 1 साल से केवल ई के बाई सी ही चल रही है। लेकिन सहायता राशि किसी को नहीं दी जा रही है ।पिछले 15 वर्षों में मजदूरों से 15 बार आधार कार्ड, परिवार नकल, बैंक खाता, बच्चों के आधार कार्ड, लिए जा रहे हैं दिया कुछ नहीं जाता एक दस्तावेज पूरा करते हैं तो दूसरा मांग लिया जाता है कुछ दिन पहले बोर्ड द्वारा कई फॉर्म वापस कर दिए गए जिस पर यह एतराज लगाया गया की छात्रवृत्ति के आवेदन पर प्रिंसिपल की मोहर फीकी है यहां तक ही नहीं डी ए वी जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में पढ़ने वाले बच्चों से भी एफीलिएशन मांगी जाती है दूसरे जो सरकारों के अध्ययन केंद्र हैं उनकी एफीलिएशन मांगी जाती है कहने का तात्पर्य यह है की न नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी। यूनियन के राज्य महासचिव श्री रविंद्र सिंह रवि ने कहा है कि बोर्ड मीटिंग में और बोर्ड के सचिव को एवं सचिव श्रम ब रोजगार के ध्यान में ये तानाशाही फरमान लाया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि एक महीने के भीतर निर्माण मजदूरों के क्लेम पास न किए गए तो सरकार के खिलाफ और श्रम विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन चलता रहेगा । जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इस धरने में यूनियन नेता सर्व श्री चौधरी प्रेमचंद अमन चौधरी सरवन कुमार त्रिलोक चंद बलदेव राणा राकेश शर्मा मेघा राणा विनोद कुमार ओंकार चंद के अतिरिक्त तहसील पालमपुर के मजदूर शामिल हुए। अगला धरना बैजनाथ में दिए जाएगा।
















