मंडी के पंडोह स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (RARI) ने आयुर्वेद आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय ‘प्रकृति’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान की प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी शोध परियोजनाओं के लिए अन्वेषकों को सीसीआरएएस (CCRAS) के प्रोटोकॉल के अनुसार तैयार करना था। प्रशिक्षण के दौरान अनुसंधान अधिकारी डॉ. विकास नरियाल और अन्य मास्टर प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रकृति और स्वास्थ्य मूल्यांकन के पैमानों की विस्तृत जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण सत्र में पपरोला, चैलचौक, अवस्थी और बिलासपुर के चार प्रमुख आयुर्वेदिक कॉलेजों के 19 विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे भविष्य में आयुर्वेद के क्षेत्र में वैज्ञानिक शोधों को अधिक सटीकता और मजबूती मिलेगी।












