हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने द्वितीय चरण के स्पॉट मूल्यांकन (16 अप्रैल से प्रारंभ) के दौरान गोपनीयता से संबंधित कार्यों का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं।
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा एवं गोपनीयता के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया अत्याधुनिक सर्विलांस प्रणाली के अंतर्गत संचालित हो रही है, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस दौरान उन्होंने बोर्ड कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक परिणाम घोषित करने की समय-सीमा देते हुए प्रेरित किया कि परिणाम को समयबद्ध एवं पूर्णतः सटीक रूप से घोषित करना हमारी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करते हुए बोर्ड की इस प्रतिबद्धता को सफल बनाएंगे।



















