धर्मशाला के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी क्रिकेट मैच से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। देवभूमि हिमाचल की परंपरा के अनुसार यह पूजा मैच के शांतिपूर्ण आयोजन, खिलाड़ियों की सुरक्षा और सकारात्मक माहौल के लिए की गई। इस दौरान वैदिक मंत्रों के साथ हवन किया गया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
अधिकारी और आयोजन समिति रहे उपस्थित
पूजा कार्यक्रम में क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी, स्टेडियम प्रबंधन और आयोजन समिति के सदस्य शामिल हुए। सभी ने मिलकर ईश्वर से मैच के सफल आयोजन की कामना की। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
धौलाधार की गोद में खेल और आस्था का संगम
धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम देश के सबसे खूबसूरत मैदानों में गिना जाता है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित यह स्टेडियम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां खेल और संस्कृति का अनोखा मेल देखने को मिलता है। पूजा के दौरान मैदान की पिच, ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी धार्मिक अनुष्ठान किया गया। नारियल, फूल, धूप-दीप और प्रसाद अर्पित कर मंगलकामनाएं की गईं। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है।
क्रिकेट प्रेमियों में दिखा उत्साह
इस पहल को स्थानीय लोगों और क्रिकेट प्रशंसकों ने सराहा है। उनका कहना है कि खेल के साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं का जुड़ना गर्व की बात है। अब सभी की नजरें मैदान पर होने वाले रोमांचक मुकाबले पर टिकी हैं।
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