हमीरपुर, अप्रैल 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) हमीरपुर में आयोजित तकनीकी उत्सव ‘निम्बस 2026’ के अंतर्गत परियोजना प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपने नवाचार और तकनीकी कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। “एथेरा: बियॉन्ड द सेंटिएंट” थीम पर आधारित इस आयोजन में विभिन्न विभागों के छात्रों ने समाज से जुड़े उपयोगी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी में हैंड क्रैंक जनरेटर, एडैप्टिव टेरेन वॉकर, बायोचार माइक्रोबियल फ्यूल सेल, डायरेक्शनल अल्ट्रासोनिक साउंड सिस्टम, स्काईट्रैकर ड्रोन और स्मार्ट सॉइल सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट आकर्षण का केंद्र रहे। बाईट संभव
द्वितीय वर्ष के छात्रों संभव, शुभम, एल्विन और सोमेश द्वारा तैयार स्वदेशी पेलोड ड्रॉपिंग ड्रोन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। छात्रों ने बताया, “हमने इस ड्रोन को पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ तकनीक के आधार पर विकसित किया है, ताकि विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम की जा सके। इसमें एडवांस सर्वो मैकेनिज्म और कैमरा आधारित टार्गेटिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह चलते या स्थिर लक्ष्य पर सटीक पेलोड ड्रॉप कर सकता है। हमारी कोशिश है कि इसे कम लागत में तैयार कर भविष्य में सेना और सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपयोगी बनाया जा सके।” बाइट चिराग
वहीं केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र चिराग मेहरा ने ऑयल स्कीमिंग बोट के बारे में बताया, “समुद्र और जल स्रोतों में बढ़ते तेल प्रदूषण को देखते हुए हमने यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसमें ओलेओफिलिक प्लेट्स का उपयोग किया गया है, जो पानी को छोड़कर केवल तेल को आकर्षित करती हैं। इसके बाद स्कीमिंग मैकेनिज्म तेल को अलग कर स्टोरेज टैंक में एकत्र करता है। इस तेल को ट्रीटमेंट के बाद पुनः उपयोग में भी लाया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।” byte Tanuj
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की टीम के सदस्य तनुज, अज़ान, वैभव, एकता, हिमानी, तान्या, सूरज और सौम्या द्वारा विकसित स्व-स्थायी इलेक्ट्रिक क्रॉप हार्वेस्टर भी चर्चा का केंद्र रहा। टीम के छात्रों ने बताया, “हमारा प्रोजेक्ट पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पराली से उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा को बिजली में बदला जाता है और साथ ही HEPA व एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर के माध्यम से धुएं को शुद्ध किया जाता है। भविष्य में इस तकनीक को बड़े कृषि यंत्रों के साथ जोड़कर व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।”
Byte अर्चना ननोटि रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष ननोटी ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नवाचार और व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
शाम को रोबोवार्स, आरसी कार रेसिंग और ड्रोन सॉकर प्रतियोगिताओं में भी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन छात्रों के लिए सीखने, नवाचार और प्रतिभा प्रदर्शन का एक प्रभावी मंच साबित हुआ।















