चंबा | अमृत पाल सिंह
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चंबा दौरे के दौरान छात्रों और शिक्षा जगत के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का लक्ष्य इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों को 30 अप्रैल से पहले घोषित करना है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रदेश भर में 41 मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चंबा दौरे के दौरान छात्रों और शिक्षा जगत के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का लक्ष्य इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों को 30 अप्रैल से पहले घोषित करना है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रदेश भर में 41 मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए उन्होंने बताया कि अब 10वीं के जिन छात्रों को लगता है कि वे मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे, उन्हें अब सितंबर के बजाय जून में ही दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का पूरा साल खराब होने से बचेगा और जून की परीक्षा के अंकों को मार्च के परीक्षा परिणामों के साथ ही जोड़ दिया जाएगा। भविष्य की राह चुनने में छात्रों की मदद के लिए बोर्ड एक विशेष कैरियर काउंसलिंग प्रोग्राम भी शुरू करने जा रहा है, जिसमें आईआईटी विशेषज्ञ, डॉक्टर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी छात्रों को सही दिशा प्रदान करेंगे।
बोर्ड परीक्षाओं में सुचिता बनाए रखने के लिए इस बार पहली बार लाइव मॉनिटरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे नकल के मामलों में भारी कमी आई है। डॉ. शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि जहां भी अनियमितता पाई गई, वहां तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों और केंद्रों को निलंबित किया गया है। अपने चंबा दौरे के दौरान उन्होंने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और प्रदेश के सबसे बड़े चंबा पुस्तक डिपो का निरीक्षण भी किया। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे मूल्यांकन कार्य को प्राथमिकता दें ताकि छात्रों का भविष्य समय पर सुरक्षित हो सके और बोर्ड शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।















