चंडीगढ़ : 31 मार्च 2026 / लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न कमांड, 31 मार्च 2026 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होंगे, जिसके साथ चार दशकों से अधिक समय तक चले उनके गौरवशाली सैन्य करियर का समापन होगा।
जून 1986 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार का करियर उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, परिचालन उत्कृष्टता और दूरदर्शी नेतृत्व से परिपूर्ण रहा है। इन वर्षों के दौरान, उन्होंने विविध एवं चुनौतीपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में कार्य किया है, जिनमें सियाचिन ग्लेशियर, नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) शामिल हैं, जिससे उन्हें उच्च ऊँचाई वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।
01 जुलाई 2023 को वेस्टर्न कमांड की कमान संभालने से पूर्व, उन्होंने कई महत्वपूर्ण रणनीतिक पदों पर कार्य किया। उन्होंने एकीकृत रक्षा मंत्रालय (सेना) मुख्यालय में सैन्य संचालन महानिदेशक के रूप में सेवा दी तथा प्रतिष्ठित 1 कोर की कमान संभाली, जहाँ उन्होंने परिचालन तैयारियों और बल एकीकरण को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे फरवरी 2022 से दिसंबर 2025 तक राजपूत रेजिमेंट के कर्नल भी रहे।
वे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी तथा भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के नेशनल वॉर कॉलेज के विशिष्ट स्नातक (डिस्टिंग्विश्ड ग्रेजुएट) भी रहे हैं, जो उनकी मजबूत रणनीतिक सोच और वैश्विक सैन्य दृष्टिकोण को दर्शाता है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कमान, स्टाफ तथा प्रशिक्षण से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इनमें उरी सेक्टर और टाकसिंग में इन्फैंट्री बटालियन की कमान, पश्चिमी सीमाओं पर इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान तथा उत्तरी सीमाओं पर रिजर्व माउंटेन डिवीजन की कमान शामिल है। उनके स्टाफ एवं प्रशिक्षण कार्यकाल में सैन्य संचालन निदेशालय में नियुक्ति, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ, भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के साथ प्रशिक्षक, कोर मुख्यालय एवं सेंट्रल कमांड में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ तथा एकीकृत रक्षा मंत्रालय (सेना) मुख्यालय में स्टाफ ड्यूटीज के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (2025), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (2025) तथा अति विशिष्ट सेवा मेडल (2021) से सम्मानित किया गया है।
भारतीय सेना उनके उत्कृष्ट सेवा, अटूट समर्पण और राष्ट्र के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार करती है। वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर के रूप में उनका कार्यकाल परिचालन तत्परता, आधुनिकीकरण तथा संयुक्तता पर विशेष ध्यान देने के लिए जाना जाता है।
सेवानिवृत्ति के पश्चात लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार लखनऊ में बसने की योजना बना रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार का विदाई भाषण:
“मैं आप सभी से अपने 40 वर्षों की सेवा पूर्ण करने के उपलक्ष्य में, अपनी सेवानिवृत्ति की पूर्व संध्या पर बात कर रहा हूँ। पिछले लगभग तीन वर्षों से मैं वेस्टर्न कमांड का जीओसी-इन-सी रहा हूँ। भारतीय सेना की सेवा करना तथा इसकी सबसे प्रतिष्ठित कमान का नेतृत्व करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात रही है।
वेस्टर्न कमांड ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे फोर्मेशन्स ने अत्यंत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और इसके पश्चात भी हम किसी भी परिस्थिति के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं। हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सशस्त्र ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहे हैं।
हमारा ध्यान सेवारत सैनिकों, उनके परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर भी केंद्रित रहा है। आवास, स्कूलों एवं कॉलेजों तथा अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है।
वेस्टर्न कमांड को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू तथा दिल्ली के नागरिक प्रशासन और स्थानीय जनता से निरंतर पूर्ण समर्थन प्राप्त होता रहा है। इस सहयोग ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तथा ऑपरेशन राहत के समय, जब हम बाढ़ राहत कार्य कर रहे थे, हमारी अत्यधिक सहायता की।
















