धर्मशाला:
केसीसी बैंक में पिछले वर्ष मार्च माह में एनपीए 19.5 फीसदी था, जोकि अब 17.91 फीसदी है। नेट एनपीए में एक साल में दो फीसदी का सुधार किया है। यह बात केसीसी बैंक के एमडी जफर इकबाल ने बैंक के 106वें स्थापना दिवस समारोह में ई-वाहन ऋण योजना को लांच करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बैंक से लोन लेने वाले इस गलतफहमी में न रहें कि वन टाइम सेटलमेंट या ऋण माफी होगी, जो पूर्व में होता रहा है, वो भविष्य में नहीं होगा, प्रबंधन के लिए बैंक का मुनाफा बेहद जरूरी है। एमडी ने बताया कि 80 फीसदी कर्मियों की डीपीसी के तहत प्रमोशन गई है। प्रमोशन के लिए जो टेस्ट होता है, उसका आयोजन किया जा चुका है तथा रिजल्ट भी आ गया है। वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले प्रयास किया जाएगा कि रिजल्ट पास करने वालों की डीपीसी करके उन्हें प्रमोट कर दिया जाए। 170 के करीब कर्मियों ने प्रमोशन टेस्ट दिया था जिसमें से 140 के करीब पास हुए हैं। बैंक कर्मियों की पेंशन को लेकर ट्रस्ट बना हुआ है, जहां बैंक के कर्मियों की कंट्रीब्यूशन काटी जाती है तथा बैंक सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन देता है, यह प्रक्रिया रूटीन में चल रही है। टाइमलाइन के हिसाब से कुछ लोगों को लगता है कि उनका कुछ नहीं हुआ था और लोग कोर्ट गए थे। कोर्ट से बैंक को निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें 186 के करीब लोगों के ऑर्डर आ चुके हैं, जिनकी वेरिफिकेशन हो रही है। सुप्रीमकोर्ट और हिमाचल हाईकोर्ट से निर्देश हैं, कि बैंक पेंशनर्स का जो हक बनता है, उन्हें वो दिया जाए, इसके लिए बैंक प्रबंधन प्रतिबद्ध है। सरकार से नए कर्मियों की भर्ती के लिए मांग की जा रही है, साथ ही आऊट सोर्स के लिए भी मांग रखी जाएगी। अप्रैल माह में तीनों बैंक का संयुक्त सम्मेलन किया जाएगा। जिसमें मंथन कर बेहतर कार्य करने के लिए प्रारूप तैयार की जाएगा।















