शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता को दी गई गारंटियों का हिसाब देने के बजाय दिल्ली में रैलियां और अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे वादों के आधार पर जनादेश हासिल किया गया और अब उसी से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
आपदा के समय भी राजनीतिक अभियान में व्यस्त सरकार
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रभावित लोग राहत का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके मंत्री सदन में चर्चा और राहत कार्यों की समीक्षा छोड़कर राजनीतिक रैलियों में भाग ले चुके हैं। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल बताया।
संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप, प्रदेश में विफल, दिल्ली में सक्रिय सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि यह रवैया लोकतंत्र और जागरूक मतदाताओं का अपमान है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता सरकार की नाकामियों से जूझ रही है, जबकि पूरा नेतृत्व दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस इस तरह के अभियान चला रही है, वहां उसे जनता का समर्थन नहीं मिल रहा।
सरकार के भीतर असंतोष और अव्यवस्था
उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर भारी अंतर्कलह है। मंत्री और विधायक असहज हैं, जबकि प्रशासन कुछ चुनिंदा लोगों के इशारों पर काम कर रहा है। व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली सरकार खुद अव्यवस्था का शिकार हो चुकी है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावितों के लिए निर्धारित धनराशि से सरकार ने अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाया। इसे उन्होंने संवेदनहीनता बताया और कहा कि इससे सरकार की सच्चाई सामने आ गई है।
कांग्रेस नेतृत्व में भी सरकार अलोकप्रिय
उन्होंने कहा कि सरकार के जश्न में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी से साफ है कि यह सरकार अपने ही दल में भरोसा खो रही है। मंचों पर हुए विवाद और आपसी टकराव से कार्यकर्ताओं में भी निराशा फैली है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों ने झूठी गारंटियों के नाम पर जनादेश हासिल किया, वे अब किस आधार पर वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। प्रदेश की जनता आज भी कांग्रेस की दस गारंटियों का हिसाब मांग रही है।





















